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इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बिल्डर को राहत, तुरंत रिहाई के आदेश

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेक्टर-150 के गड्ढ़े  में गिरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में इलाहबाद हाई कोर्ट ने गिरफ्तार बिल्डर अभय कुमार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने बिल्डर को अवैध हिरासत से तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं. बिल्डर ने हैबियास कॉर्पस रिट याचिक दाखिल की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था. डबल बेंच में जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय ने सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है.

विशटाउन के निदेशक अभय कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें गिरफ्तारी और हिरासत को अवैध, शून्य और अमान्य घोषित करने की मांग की गई थी. याचिका में अभय कुमार की ओर से दलील दी गई थी कि पुलिस ने गिरफ्तारी मेमो के क्लॉज 13 का पालन नहीं किया और न याचिकाकर्ता को पहले से जानकारी दी. अभय कुमार के अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क रखा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के नियमों की अनदेखी की गई है. कोर्ट ने भी दलील को माना कि प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और कई खामियां हैं.

दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता अभय कुमार को तुरंत रिहा किया जाए. कोर्ट ने एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट (AGA) को आदेश का पालन तुरंत करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया और सर्टिफाइड कॉपी का इंतजार न करने को कहा. 

बता दें कि नोएडा में 16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की निर्माणाधीन साइट के गड्ढ़े में गिरने से मौत हो गई थी. जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण के साथ ही बिल्डर पर कार्रवाई की मांग उठी थी, इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था. जिसके बाद पुलिस ने बिल्डर समेत कई और लोगों को गिरफ्तार किया था.