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बंगाल विधानसभा में आज SIR पर चर्चा

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए गुरुवार को विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया। सरकार का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए।

नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश करते हुए राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से नहीं चलाई गई। उन्होंने दावा किया कि दस्तावेजों के सत्यापन, नामों की जांच और संशोधन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े। कई बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

चट्टोपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से उत्पन्न मानसिक तनाव और दबाव के कारण अब तक 107 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इन मौतों के कारणों को लेकर विस्तृत आंकड़े और आधिकारिक पुष्टि पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। सरकार ने कहा कि वह इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए विस्तृत चर्चा चाहती है।

विधानसभा में आज इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य चुनावी सूची को शुद्ध और अद्यतन रखना होता है। वहीं, सत्तारूढ़ दल का आरोप है कि प्रक्रिया को लागू करने के तरीके में गंभीर खामियां रहीं, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक दबाव झेलना पड़ा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। ऐसे में विधानसभा में होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकार की ओर से इस विषय पर ठोस सुझाव और संभावित समाधान पेश किए जाने की भी उम्मीद जताई जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने न आएं।