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संसद में गूंजा मेरठ ईफाइलिंग सेंटर का मुद्दा, लक्ष्मीकांत वाजपेयी बोले- जनता के हित में यह जरूरी कदम

मेरठ से राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने संसद में मेरठ के ईफाइलिंग सेंटर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने यह निर्णय लिया था कि देश में 7100 करोड़ रुपयों की घोषणा 4100 ईफाइलिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे। यूपी में भी इसके तहत ईफाइलिंग सेंटर शुरू होने थे। इसमें से मेरठ में भी एक ईफाइलिंग सेंटर खुला। आगे कहा कि वैसे तो हमारी मांग मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना करने की है और आगे भी रहेगी। लेकिन फिलहाल वादकारियों के हित के लिए मेरठ में ईफाइलिंग सेंटर खुला था। ताकि वादकारी अपनी बात को आसानी से रख सकें।

डॉ. वाजपेयी ने आगे कहा कि वादकारी को सस्ता सुलभ न्याय मिले और उसका हित ही हमारा उद्देश्य है। कहा कि इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने दो निर्णय किए। निर्णय में कहा कि कोई भी कोर्ट 15 दिन के बाद हाइब्रिड सिस्टम से सुनवाई के लिए मना नहीं करेगा। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस निर्णय को कैप्टन अमेंस रखने का काम किया है।

इस आदेश से यूपी के लोगों को ईफाइलिंग सेंटर के जरिए सुनवाई के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मैं सदन के माध्यम से रिक्वेस्ट करता हूं कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के कैप्टन अमेंस के आदेश स्थगित हो और ईफाइलिंग की सुविधा को प्रारंभ किया जाए।