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संभल में कड़ी सुरक्षा के बीच जामा मस्जिद में हुई जुमे की नमाज, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

उत्तर प्रदेश के संभल जिले की जामा मस्जिद को हिंदू पक्ष की तरफ से हरिहर मंदिर बताए जाने के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की गई। संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से हुई, जिसमें सात थानों के पुलिस कर्मियों, प्रोविजनल आर्म्‍ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) सहित ड्रोन कैमरों का सहारा भी लिया गया। 

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मस्जिद के आस-पास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने इसके पहले किसी भी तरह की अराजकता होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है। एसपी विश्नोई ने बताया कि दिन में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौलवी लोग भी ये संदेश दें कि सभी लोग अपनी-अपनी मस्जिद में ही नमाज पढ़ें। सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है। दो लोगों को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करने के चलते शांति भंग के तहत उन पर पाबंदी लगाई गई है।"

हिंदू पक्ष के वकील गोपाल शर्मा ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में दाखिल याचिका में उन्होंने बाबरनामा और आइन-ए-अकबरी किताब का भी जिक्र किया है, जिसमें हरिहर मंदिर होने की पुष्टि होती है। उन्होंने दावा किया कि इस मंदिर को 1529 में बाबर ने तोड़ा था और अब इस मामले की 29 जनवरी को सुनवाई है। शर्मा ने कहा कि ‘एडवोकेट कमीशन’ की रिपोर्ट आने के बाद वो अपनी आगे की कार्यवाही तय करेंगे। 

संभल जिले की एक अदालत के आदेश पर मंगलवार को जामा मस्जिद का सर्वेक्षण किया गया। दावा है कि इस मस्जिद का निर्माण किसी मंदिर को तोड़कर किया गया था। याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिए ‘एडवोकेट कमीशन’ गठित करने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा है कि कमीशन के माध्यम से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वेक्षण कराकर अदालत में रिपोर्ट दाखिल की जाए।