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कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस

उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने एक निजी अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मृतक की पहचान 30 वर्षीय शिवम के रूप में हुई है, जो कन्नौज के रहने वाले थे। उन्हें 1 सितंबर को कानपुर के रावतपुर इलाके के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद आरोप लगा कि अस्पताल प्रशासन और एक प्रमुख डायग्नोस्टिक सेंटर ने स्वाइन फ्लू की जानकारी को दबाने की कोशिश की। मामले की जांच तब शुरू की गई, जब दिल्ली की एक पैथोलॉजी लैब से शिवम की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। कानपुर नगर के CMO हरि दत्त नेमी ने बताया कि अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर को औपचारिक नोटिस दिया जाएगा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सरकार की ओर से जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, वाराणसी के CMO डॉ. एनपी सिंह ने 29 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-A/H1N1 से बचाव और लोगों को जागरूक करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए थे। उन्होंने जिला अस्पतालों के साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में जरूरत के मुताबिक बेड रिजर्व रखने और स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय पर डॉक्टर से सलाह लें। बीमारी को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, लोगों को नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह ढकने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है। पर्याप्त आराम और पानी पीना भी जरूरी है।

वहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या एंटीबायोटिक नहीं लेनी चाहिए। लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और बीमारी को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 26 अगस्त को स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य सलाह जारी की थी। IMA ने बताया था कि मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा-A (H1N1) के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है।

IMA ने लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने और गंभीर लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी थी। IMA के मुताबिक, देश में H1N1 के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में 1,770 से अधिक लैब से पुष्टि किए गए मामले सामने आने की जानकारी दी गई थी। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से भी मामले सामने आए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की निगरानी के अनुसार, देश में फैल रहा वायरस मौसमी इन्फ्लुएंजा-A (H1N1) ही है और इसमें कोई नया जेनेटिक बदलाव नहीं पाया गया है।