Breaking News

दिल्ली: घायलों से मिलने एम्स अस्पताल पहुंचीं रेखा गुप्ता     |   सत्य निकेतन हादसा: CM रेखा गुप्ता ने घायलों को दिए 5-5 लाख के चेक, इलाज का खर्च उठाएगी सरकार     |   बिहार बाढ़ पर मीसा भारती ने ललन सिंह को घेरा, NDA सरकार की तैयारियों पर उठाए सवाल     |   सत्य निकेतन PG हादसा पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सभी निजी हॉस्टलों के ऑडिट की मांग     |   ट्रंप का बड़ा ऐलान, अमेरिका में बॉम्बार्डियर के विमान बेचने पर लगेगी रोक     |  

योगी सरकार का एंटी-एन्सेफेलाइटिस अभियान, थम गईं बीमारी से होने वाली मौतें

Uttar Pradesh: कई दशकों तक पूर्वांचल के मासूम बच्चों पर जानलेवा एन्सेफेलाइटिस बीमारी का खतरा मंडराता रहा। गर्मी और बरसात में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छर पनपते, जो इस वायरस को फैलाने का मुख्य कारण बनते। इस बीमारी की चपेट में आए बच्चों को तेज बुखार, बेहोशी और दौरे आते। सैकड़ों मासूमों की जान चली जाती और कई जीवनभर के लिए अपंग हो जाते। योगी आदित्यनाथ कई सालों से इस बीमारी के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे- कभी सड़कों पर उतर के, तो कभी संसद में आवाज बुलंद कर के।

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने एन्सेफेलाइटिस को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया। हर साल मानसून के पहले खास स्वच्छता अभियान चलाया गया। नालियों को ढकवाया गया, एंटी लार्वा स्प्रे करवाए गए, घर-घर दस्तक अभियान चलाकर लोगों को बीमारी से जुड़ी सावधानियां बरतने के लिए जागरूक किया गया।

सरकारी प्रयासों का असर एन्सेफेलाइटिस के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखता है। गोरखपुर और आसपास के इलाकों में 2017 में जहां एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि एईएस के 4724 और जापानी एन्सेफेलाइटिस यानी जेई के 693 मामले दर्ज हुए थे। वहीं 2024 तक ये संख्या घटी और एईएस के सिर्फ 737 और जेई के महज 61 मामलों तक सीमित रह गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये भी दावा किया है कि हाल के वर्षों में गोरखपुर में एन्सेफेलाइटिस से होने वाली मौतें अब शून्य हो चुकी हैं।

बीआरडी कॉलेज में डेडीकेटेड एन्सेफेलाइटिस ब्लॉक और हॉस्पिटल बनाए गए। गोरखपुर और आसपास के जिले, जो कभी इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित थे, अब सुरक्षित हैं और बच्चे अपने अंदाज में सीएम योगी का आभार जता रहे हैं।