Breaking News

मिडिल ईस्ट पर सर्वदलीय बैठक खत्म, विपक्ष से सरकार ने कहा- कंट्रोल में हैं हालात     |   चांदी 11,250 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 4,900 रुपये उछला     |   नोएडा: सेक्टर 16 मेट्रो ट्रैक पर कूदी युवती, हुई गंभीर रूप से घायल     |   इजरायल ने ईरान के पनडुब्बियां बनाने वाले एकमात्र ठिकाने पर बड़ा हमला किया     |   रामनवमी पर योगी सरकार का फैसला, 26 के साथ अब 27 मार्च को भी रहेगा अवकाश     |  

जल जीवन मिशन योजना में लापरवाही बरतने वाले 26 इंजिनियरों-कर्मियों पर कार्रवाई, 12 निलंबित

लखनऊ: प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहे ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने काम में लापरवाही बरतने वाले इंजिनियरों-कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जल जीवन मिशन परियोजना के कार्यों में लेटलतीफी, लापरवाही करने वाले 26 इंजिनियरों पर निलंबन, विभागीय कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाइयों की गाज गिरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजिनियर रैंक के 12 इंजिनियरों को निलंबित कर दिया है। वहीं चार अधिशासी अभियंता के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परियोजना के कार्यों में धीमी प्रगति को लेकर तीन अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं से शिकायत मिलने के बाद सात इंजीनियरों का तबादला कर दिया गया है। हाल के दिनों में लेटलतीफी के मामले में जल निगम कर्मियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। 

कार्य में सुधार नहीं हुआ तो होगी बर्खास्तगी की कार्रवाई
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर काम कर रही है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं करते हैं, तो बर्खास्तगी का भी एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता एवं उत्तरवायित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 

इन इंजिनियरों-कर्मचारियों के खिलाफ हुई निलंबन की कार्रवाई
जल निगम ग्रामीण विभाग ने जिन कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है, उसमें लखीमपुर खीरी के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, जौनपुर के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के अधिशासी अभियंता मो. कासिम हाशमी, चंदौली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता अमित राजपूत, चंदौली के सहायक अभियंता सीताराम यादव, बिजनौर के सहायक अभियंता अकबर हसन, औरैया के जूनियर इंजिनियर अनुराग गोयल, हाथरस के कुलदीप कुमार सिंह, आजमगढ़ के राजेन्द्र कुमार यादव, बरेली के रूप चन्द्र, बाराबंकी के जूनियर इंजिनियर अवनीश प्रताप सिंह और कुशीनगर के कार्यवाहक खंडीय लेखाकार धर्मप्रकाश महेश्वरी शामिल हैं। 

चार इंजिनियरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
जल निगम ग्रामीण विभाग ने चार इंजिनियरों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। इसमें औरैया के अधिशासी अभियंता अमन यादव, मैनपुरी के अधिशासी अभियंता अंकित यादव, प्रयागराज के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, शामली के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता फूल सिंह यादव शामिल हैं। इसके अलावा तीन गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता भारत भूषण, आगरा में तैनात अमित कुमार और मीरजापुर में तैनात राजेश कुमार गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 

शिकायत के आधार पर सात इंजिनियरों का तबादला
सहायक अभियंता विपिन कुमार वर्मा को प्रतापगढ़ से चंदौली स्थानांतरित कर दिया गया है। रामपुर में तैनात मो. असजद को रामपुर से चंदौली, प्रदीप कुमार मिश्रा को बाराबंकी से बिजनौर, उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर, अमित कुमार को शामली से बाराबंकी, चन्द्र बोध त्यागी को मैनपुरी से आजमगढ और जूनियर इंजिनियर अजय कुमार को कौशांबी से आजमगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है।