उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी ने लखनऊ स्थित लोक भवन में वाजपेयी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और देश के लिए उनके योगदान को याद किया। सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की सुरक्षा, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वाजपेयी के शुरुआती राजनीतिक जीवन को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खिलाफ चलाए गए सत्याग्रह से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। सीएम योगी ने कहा कि जब देश में कांग्रेस सरकार ने आपातकाल लगाया, तब वाजपेयी ने भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय किया और आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1962, 1965 और 1971 के युद्धों समेत राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर वाजपेयी ने कभी सरकार को कमजोर करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने एक जिम्मेदार सांसद के रूप में सरकार का साथ दिया और देश की सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दिया। सीएम योगी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार 1957 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ लोकसभा सीट का पांच बार प्रतिनिधित्व किया।
अटल बिहारी वाजपेयी देश के तीन बार प्रधानमंत्री रहे। वह पहली बार 1996 में कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 1998 से 1999 और फिर 1999 से 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। वाजपेयी अपनी शानदार भाषण शैली, संसद में प्रभावी भूमिका और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल थे। राजनीति के साथ-साथ वह एक प्रसिद्ध हिंदी कवि भी थे। देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2015 में भारत रत्न, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, दिया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। हर साल उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद करता है।