इंडोनेशिया में शनिवार सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप के चलते कई इमारतें ढह गईं और सैकड़ों घरों में दरारें आ गईं। प्रभावित इलाकों में लगातार हल्के झटके भी महसूस किए जा रहे हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि मंगराई जिले में कम से कम 24 और पड़ोसी पूर्वी मंगराई में 17 लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा सिक्का, नगाडा और एंडे जिलों में भी मृतकों की सूचना मिली है।
बचावकर्मी अभी भी फ्लोरेस द्वीप के छह जिलों में भूकंप से हुए भूस्खलन में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं। फ्लोरेस मुख्य रूप से एक कैथोलिक द्वीप है जो मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया में स्थित है। अमेरिका के भूगर्भीय सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजकर 58 मिनट पर इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। उसने बताया कि इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के एंडे शहर से 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम में था।
मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप के बाद 235 झटके महसूस किए गए, जिनमें सबसे तेज झटके की तीव्रता 6.2 थी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख सुहारयांतो ने बताया कि बचावकर्मियों ने कम से कम 47 शव बरामद किए हैं, जिनमें से ज्यादातर सिका, मंगराई और पूर्वी मंगराई में मिले हैं।
उन्होंने बताया कि कम से कम 50 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। सुहारयांतो ने बताया कि भूकंप से कम से कम 157 मकान पूरी तरह ढह गए और लगभग 200 अन्य क्षतिग्रस्त हो गए।
उन्होंने बताया कि इसके कारण लगभग 2,000 ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर अस्थायी आश्रय स्थलों पर जाना पड़ा। सिका की राजधानी मौमेरे स्थित खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख रहमान ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि भूकंप के कारण भूस्खलन की घटनाओं के कारण फ्लोरेस द्वीप के छह जिलों के कई दूरदराज के गांवों में मलबा भर गया है और इनका संपर्क कट गया है।
17,000 द्वीपों वाला विशाल द्वीपसमूह इंडोनेशिया प्रशांत महासागर क्षेत्र में ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित होने के कारण भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील है। ‘रिंग ऑफ फायर’ प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ एक ऐसा क्षेत्र है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप आते हैं। दिसंबर 1992 में शक्तिशाली भूकंप के कारण आई सुनामी में फ्लोरेस द्वीप पर करीब 2,500 लोगों की मौत हो गई थी।