ढाका: बांग्लादेश में 56वें Independence Day Bangladesh के मौके पर एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि मुझिबुर रहमान ने हिंदू धर्मग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ को रोकने का निर्देश दिया।
यह घटना तनोर उपजिला में आयोजित एक राज्य कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां परंपरा के अनुसार विभिन्न धर्मों के ग्रंथों का पाठ किया जाता है। आमतौर पर कुरान के साथ-साथ गीता के श्लोक भी पढ़े जाते हैं, लेकिन इस बार कथित तौर पर गीता पाठ को रोकने की कोशिश की गई।
इस फैसले के खिलाफ Bangladesh National Hindu Grand Alliance ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के महासचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार रॉय ने सवाल उठाया कि एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में इस तरह का निर्देश कैसे दिया जा सकता है।
हालांकि, उपजिला की अधिकारी नाइमा खान के हस्तक्षेप के बाद कार्यक्रम में आखिरकार गीता पाठ कराया गया, जिसके लिए संगठन ने उनका आभार जताया।
संगठन ने इस घटना को “भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक” बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है और Bangladesh Jamaat-e-Islami के शीर्ष नेतृत्व से भी इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर धार्मिक समानता और सरकारी आयोजनों में सभी धर्मों के सम्मान को लेकर बहस छेड़ दी है।