गुरुवार को शाम 5 बजे तक मतदान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली, जहां पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 89.93% मतदान दर्ज किया गया, जो तमिलनाडु के 82.24% से काफी आगे रहा। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान समाप्ति के करीब आते-आते दोनों राज्यों में मतदाताओं की भारी भागीदारी देखने को मिली।
पश्चिम बंगाल एक बार फिर मतदान प्रतिशत में सबसे आगे रहा, जहां कई जिलों में 90% से अधिक मतदान दर्ज किया गया। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 93.12% मतदान हुआ, जबकि कूचबिहार (92.07%), बीरभूम (91.55%), मुर्शिदाबाद (91.36%) और जलपाईगुड़ी (91.20%) भी 90% के पार रहे। झाड़ग्राम (90.53%) और पश्चिम मेदिनीपुर (90.70%) ने भी यह आंकड़ा पार किया, जबकि बांकुड़ा में 89.91% और मालदा में 89.56% मतदान दर्ज हुआ। दार्जिलिंग में अपेक्षाकृत कम, लेकिन फिर भी मजबूत 86.49% मतदान हुआ।
तमिलनाडु में भी दिन बढ़ने के साथ मतदान में तेजी आई। करूर में सबसे अधिक 89.32% मतदान हुआ, इसके बाद सलेम (88.02%), इरोड (87.59%), धर्मपुरी (87.28%) और तिरुप्पुर (86.33%) रहे। अरियालुर (83.09%), तिरुचिरापल्ली (82.76%) और चेन्नई (81.34%) में भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली, जबकि मदुरै (77.89%) और तूतीकोरिन (77.56%) में अपेक्षाकृत कम लेकिन महत्वपूर्ण मतदान दर्ज हुआ।
वहीं, उपचुनावों में भी शाम 5 बजे तक मतदान में तेजी देखी गई। गुजरात के उमरेठ में 54.43% मतदान हुआ, जबकि महाराष्ट्र के राहुरी में 50.68% और बारामती में 52.44% मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले दोपहर 3 बजे तक पश्चिम बंगाल में 78.77% और तमिलनाडु में 70.00% मतदान हुआ था। वहीं, दोपहर 1 बजे तक पश्चिम बंगाल में 56.81% और तमिलनाडु में 62.18% मतदान दर्ज किया गया था, जो शुरुआती चरण में भी अच्छी भागीदारी को दर्शाता है। तमिलनाडु की 234 और पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह मतदान शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चला। पश्चिम बंगाल की शेष 142 सीटों पर 29 मई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।