Share Market: स्थानीय शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 205 अंक नुकसान में रहा। अमेरिकी-ईरान वार्ता रुकने के कारण कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के साथ ही एशियाई और यूरोपीय बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। तीस शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09 प्रतिशत टूटकर 77,664 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 942.31 अंक यानी 1.20 प्रतिशत फिसलकर 77,574.18 पर आ गया था।
दूसरी ओर 50 शेयर पर आधारित एनएसई निफ्टी 205.05 अंक यानी 0.84 प्रतिशत गिरकर 24,173.05 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयर में ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक में उल्लेखनीय गिरावट हुई।
दूसरी ओर अडाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, सन फार्मा, भारती एयरटेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लाभ में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89 प्रतिशत बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.39 प्रतिशत और स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई।
क्षेत्रवार प्रदर्शन देखें तो पीएसयू बैंक में 2.36 प्रतिशत, वाहन में 2.27 प्रतिशत, रियल्टी में 1.91 प्रतिशत, उपभोक्ता विवेकाधीन वस्तुओं में 1.71 प्रतिशत, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 1.63 प्रतिशत और बैंकएक्स में 1.46 प्रतिशत की गिरावट आई।
दूसरी ओर स्वास्थ्य देखभाल में 1.66 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 0.40 प्रतिशत, बिजली में 0.40 प्रतिशत और औद्योगिकी वस्तुओं में 0.11 प्रतिशत की तेजी रही। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,078.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए। दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त में रहे थे।
सेंसेक्स बुधवार को 756.84 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 198.50 अंक की गिरावट आई थी।