सीनियर एडवोकेट और मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएस फूलका बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
फूलका पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं में रह चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2014 में पार्टी जॉइन की थी और लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू से 19,709 वोटों से हार मिली थी। 2017 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव में दाखा सीट से जीत हासिल की थी, जहां उन्होंने अकाली नेता मनप्रीत सिंह अयाली को हराया था। बाद में उन्होंने 2015 में सभी पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया और जनवरी 2019 में AAP छोड़ते हुए राजनीति में आने को गलती बताया और खुद को पूरी तरह कानूनी लड़ाइयों पर केंद्रित कर लिया।
एचएस फूलका दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता, लेखक और राजनेता हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लंबी और निरंतर लड़ाई के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं एचकेएल भगत, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर जैसे आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अहम भूमिका निभाई। उनके योगदान के लिए उन्हें 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
दंगों के बाद उन्होंने 1985 में सिटिज़न्स जस्टिस कमेटी (CJC) के गठन में अहम भूमिका निभाई, जिसने पीड़ितों की ओर से विभिन्न न्यायिक आयोगों में पैरवी की। उन्होंने 2001 में एक वेबसाइट भी शुरू की, जिसके जरिए दंगों से जुड़े दस्तावेज और निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए। इसके अलावा, उन्होंने एक पत्रकार के साथ मिलकर “When a Tree Shook Delhi” नामक किताब भी लिखी, जो 1984 के दंगों का विस्तृत विवरण पेश करती है।