कानपुर के प्रतिष्ठित PSIT इंजीनियरिंग कॉलेज में उस वक्त कोहराम मच गया, जब हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए। मामला एक होनहार छात्र की मौत से जुड़ा है। सोमवार को कैंपस में हुए हादसे के बाद उपजा गुस्सा आज हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। छात्रों ने न सिर्फ तोड़फोड़ की, बल्कि पुलिस के साथ भी उनकी तीखी झड़प हुई। न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।
बुधवार सुबह कानपुर का पनकी इलाका नारों और चीखों से गूंज उठा। PSIT कॉलेज के करीब 3 हजार छात्रों ने कैंपस के अंदर घुसकर जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने कॉलेज की खिड़कियां, दरवाजे और फर्नीचर को तहस-नहस कर दिया। सुरक्षा के दावों के बीच छात्र 'जस्टिस फॉर प्रखर' के नारे लगाते हुए सीधे प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल चुके थे। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए और मौके पर 8 थानों की फोर्स के साथ PAC को तैनात करना पड़ा।
दोपहर होते-होते बवाल ने उग्र रूप ले लिया, जब छात्रों ने पुलिस के घेरे को तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए बल का प्रयोग किया। पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया। जिसमें कई छात्र गिरकर घायल हो गए। मौके पर 10 एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी तैनात किया गया। DCP वेस्ट एसएम कासिम आब्दी और कई ACP स्तर के अधिकारी छात्रों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन छात्र दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बता दें कि इस पूरे हंगामे की जड़ है सोमवार को हुआ एक दर्दनाक हादसा। रतनलाल नगर निवासी प्रखर सिंह, जो BCA फाइनल ईयर का छात्र था, कैंपस में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक JCB से टकरा गया था। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रखर की किडनी, लंग्स और पैनक्रियाज बुरी तरह डैमेज हो गए और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रों का आरोप है कि कैंपस के अंदर चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण एक होनहार छात्र की जान चली गई।
एक तरफ छात्र इसे प्रबंधन की लापरवाही बता रहे हैं, वहीं कॉलेज प्रशासन इस घटना को कैंपस के बाहर का मामला बताकर पल्ला झाड़ता नजर आया।इसी दोहरे रवैये ने छात्रों की आग में घी डालने का काम किया। भारी तनाव के बीच पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल वही है कि क्या करोड़ों की फीस लेने वाले संस्थान कैंपस के अंदर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते? प्रखर के माता-पिता के आंसू आज पूरे कानपुर के सिस्टम से सवाल पूछ रहे हैं। प्रखर अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत ने कॉलेज कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कॉलेज प्रबंधन पर क्या कार्रवाई करता है।