अरुणाचल प्रदेश के शि-योमी जिले के मेचुका शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने और इसे बदलने के मकसद से मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कई बुनियादी ढांचा और एडवेंचर टूरिज्म प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। अरुणाचल अब खुद को सिर्फ एक पर्यटन की जगह के रूप में नहीं, बल्कि एक हाई एल्टीडूयूड ट्रेनिंग हब बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। मेचुका जैसे क्षेत्रों में हो रहा ये विकास स्थानीय लोगों को सशक्त बनाएगा और आर्थिक वृद्धि में भी मदद करेगा। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित खूबसूरत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मेचुका घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने मेचुका में एक नए पर्यटन सूचना केंद्र, उन्नत सड़क नेटवर्क, और एक आधुनिक व्यू पॉइंट का उद्घाटन किया। इसके अलावा स्थानीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाले एक सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला भी रखी गई। यह पहल राज्य सरकार के "ईको-टूरिज्म और स्थायी विकास" अभियान का हिस्सा है।
पेमा खांडू ने अपने संबोधन में कहा, “मेचुका न केवल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। हम पर्यटन को विकसित कर स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर प्रदान करना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, स्थानीय विधायक, और सेना के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे को राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास दोनों के लिए आवश्यक बताया।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से मेचुका में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य की समग्र विकास रणनीति को बल मिलेगा। पर्यटन विभाग के अनुसार, आने वाले वर्षों में मेचुका को एक प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें ट्रेकिंग, कैंपिंग, और सांस्कृतिक उत्सवों को विशेष स्थान दिया जाएगा।