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गुजरात के इस स्कूल में लगती है 'मस्ती की पाठशाला', छात्र ही चलाते हैं विद्यालय का मैनेजमेंट

Gujarat: संगीत की धुन पर बच्चों का बर्थडे सेलिब्रेशन, रोज़ ख़बरों की जानकारी देना गुजरात के पंचमहल जिले के गोधरा तालुका के नवा नदीसर प्राथमिक स्कूल में मनोरंजन और पढ़ाई का बेहतरीन संगम है। और इसका पूरा श्रेय जाता है, इस स्कूल के हेडमास्टर राकेश पटेल को, स्कूल के छात्रों के लिए पढ़ाई एक मस्ती है और इसीलिए वो इसे 'मस्ती की पाठशाला' कहते हैं। इस स्कूल में बहुत कुछ दिलचस्प है।

एक 'छात्र संसद सिस्टम' है। जिसके तहत स्कूल को चार समूह में बांटा जाता है, छात्रों को इसकी जिम्मेदारी दी जाती है। ये छात्र पढ़ाई की प्लानिंग करते हैं, स्वच्छता की समीक्षा, लाइब्रेरी मैनेजमेंट से लेकर तमाम जिम्मेदारियां निभाते हैं।

मस्ती की इस पाठशाला का मकसद, छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, समग्र विकास को बढ़ावा देना और बच्चों में व्यावहारिक जिम्मेदारियों पर ज़ोर देना है। 'मस्ती की पाठशाला' के छात्रों ने स्कूल के सभी आंतरिक और बाहरी मामलों को संभालकर अपनी निर्णय क्षमता और भाषा क्षमता में ज़बरदस्त सुधार किया है। छात्र हर गतिविधि के लिए ठोस कदम उठाते हैं।

स्कूल में नियम सभी के लिए समान हैं और शिक्षकों सहित सभी छात्रों को उनका पालन करना चाहिए। सामुदायिक भागीदारी स्कूल की सफलता की आधारशिला है। "ग्रामोत्सव" जैसे आयोजन गाँव और स्कूल के बीच संबंधों को मज़बूत करते हैं, जहाँ स्थानीय लोग इसके विकास में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। नवा नदीसर प्राथमिक विद्यालय लोकतांत्रिक शिक्षा का एक प्रतीक है, जो ज़िम्मेदारी और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से भविष्य के नेताओं को आकार देता है।