New Delhi: पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव, 2025 को चुनौती देते हुए राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष होने की संभावना है।
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने राज्य में सत्ता बरकरार रखी और कुल 243 सीट में से 202 सीट जीतीं जबकि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (‘इंडिया’) को केवल 35 सीट मिलीं जिसमें कांग्रेस को मिली छह सीट शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई और उसके अधिकतर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
पार्टी ने अपनी याचिका में बिहार सरकार पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000 रुपये हस्तांतरित करके आदर्श संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
याचिका में निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत राज्य में महिला मतदाताओं को सीधे धन हस्तांतरण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना राज्य में महिलाओं को लघु व्यवसाय शुरू करने और स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए 10,000 रुपये का प्रारंभिक वित्तीय अनुदान प्रदान करती है।