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कमल हासन ने CM Vijay से की मुलाकात, आठ सप्ताह की अनिवार्य OTT विंडो की मांग की

अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की और उन्हें तमिल फिल्म इंडस्ट्री के लिए छह मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्य के अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म को शुरू करने की मांग भी शामिल थी। कमल हासन की पार्टी ने इस बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़ी थी। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में, एमएनएम नेता ने उन मांगों की सूची के बारे में विस्तार से बताया, जो उन्होंने शनिवार देर रात मुख्यमंत्री के साथ हुई अपनी बैठक के दौरान उन्हें सौंपी थीं।

उन्होंने कहा, 'मैं तमिलनाडु सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे एक सरकारी ओटीटी प्लेटफॉर्म शुरू करे, जहां तमिल दर्शक तमिल सिनेमा, स्वतंत्र फिल्में और डॉक्यूमेंट्रीज को किफायती और रियायती दरों पर देख सकें।" अपनी दूसरी मांग में उन्होंने कहा, "बढ़ते उत्पादन, वितरण और थिएटर चलाने के खर्चों को देखते हुए, मैं चार प्रतिशत की दर से लगने वाले स्थानीय निकाय मनोरंजन कर को खत्म करने का अनुरोध करता हूं। इससे तमिल फिल्म उद्योग को काफी मदद मिलेगी।"

सरकार से एक मजबूत एंटी-पायरेसी टीम बनाने की अपील करते हुए हासन ने कहा कि पायरेसी हजारों कलाकारों, तकनीशियनों और निर्माताओं की कड़ी मेहनत और निवेश को बर्बाद कर देती है। उन्होंने कहा, "मैं अनुरोध करता हूं कि तमिल सिनेमा की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु पुलिस के साइबर क्राइम विभाग के भीतर एक समर्पित एंटी-पायरेसी प्रवर्तन टीम बनाई जाए, जिसे पायरेटेड सामग्री को तुरंत हटाने का अधिकार हो।"

उन्होंने टीवीके सरकार से ये भी अनुरोध किया कि वे पूरे राज्य में सिनेमाघरों को सभी फिल्मों के लिए प्रतिदिन पांच शो दिखाने की अनुमति दे। कमल हासन ने आगे कहा, "इससे सिनेमाघरों की कमाई बढ़ेगी और फिल्म प्रदर्शन क्षेत्र को उबरने में मदद मिलेगी।" उन्होंने कहा, "थिएटरों को बचाने के लिए, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे तमिलनाडु में रिलीज होने वाली सभी फिल्मों के लिए ओटीटी रिलीज के लिए आठ हफ्ते की समय-सीमा तय करे और इसे अनिवार्य बना दे, ताकि थिएटर मालिक और डिस्ट्रीब्यूटर अपना गुजारा कर सकें।" साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से फिल्म प्रोडक्शन प्रोत्साहन योजना शुरू करने का आग्रह किया, जिससे तमिलनाडु एक बार फिर देश के अग्रणी फिल्म प्रोडक्शन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सकेगा और साथ ही पूरे राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।