पश्चिमी विक्षोभ एक ट्रफ के रूप में निचले से ऊपरी स्तरों पर जारी है, जिसके कारण तीन मार्च, 2025 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात, भारी बारिश व जमकर बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं, इन राज्यों में 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल। मौसम विभाग की मानें तो तीन और चार मार्च, 2025 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी के दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश के चलते जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। भारी बर्फबारी वाले इलाकों में, फलदार पेड़ों की शाखाओं से बर्फ हटाने के लिए इन्हें हिलाते रहने की भी सलाह दी गई है।वहीं आज, यानी तीन मार्च को पंजाब में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को यहां फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों को नुकसान से बचाने के लिए ओलावृष्टि जाल या ओला कैप का उपयोग करने की सलाह दी है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखें तो कल, यानी दो मार्च, 2025 को भारतीय प्रायद्वीप तथा ओडिशा के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं कल, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, गुजरात के अलग-अलग इलाकों, मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों, बिहार, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों तथा झारखंड के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश के कई इलाकों, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई है।
वहीं जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के कई हिस्सों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, असम और मेघालय के कई इलाकों में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि रिकॉर्ड की जा रही है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव संबंधी मौसम विभाग का ताजा अपडेट के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
वहीं, मध्य भारत में तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। अगले 48 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और इससे सटे मालदीव तथा लक्षद्वीप के इलाकों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार जताए गए हैं।
मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को इन इलाकों में मछली पकड़ने या किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए जाने से परहेज करने को कहा गया है। कल, यानी दो मार्च को लक्षद्वीप, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें पड़ी। कल, केरल के तिरुवनंतपुरम में 6 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।