Breaking News

इंडियन नेवी को GRSE से गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट और एंटी-सबमरीन वॉटरक्राफ्ट मिले     |   ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति से नक्सलवाद खत्म हुआ’, लोकसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह     |   ‘जो गोली चलाता है, उसका जवाब गोली से देना चाहिए’, लोकसभा में बोले अमित शाह     |   ‘वोट की जगह बुलेट से शासन चाहता है नक्सलवाद’, लोकसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह     |   ‘वामपंथियों ने आदिवासियों को बहकाया’, लोकसभा में नक्सलवाद मुद्दे पर अमित शाह ने कहा     |  

'समय बताएगा कि मैं कब मुख्यमंत्री बनूंगा', कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर बोले डीके शिवकुमार

Karnataka: कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद कब मिलेगा, इसका जवाब तो समय ही देगा और इस संबंध में कांग्रेस हाईकमान के फैसले का सभी को पालन करना होगा। राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष शिवकुमार की ये टिप्पणियां मुख्यमंत्री पद को लेकर उनके और सिद्धरमैया के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच आई हैं, जो एक बार फिर सामने आ गया है।

सिद्धरमैया के बेटे यतींद्र का कहना है कि उनके पिता अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और पार्टी हाईकमान ने इस संबंध में संकेत दे दिए हैं। शिवकुमार ने पत्रकारों से एक सवाल के जवाब में कहा, "लोगों, विधायकों, आप (मीडिया) और सभी की इच्छा है लेकिन हम सभी को पार्टी के निर्देशों का पालन करना चाहिए।"

यह सवाल उनके समर्थकों और जनता द्वारा उनकी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त करने के बारे में था। जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले दिनों में पेश होने वाले राज्य बजट के बाद उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद की जा सकती है, तो शिवकुमार ने कहा, "समय ही जवाब देगा।" चिक्कमगलुरु दौरे के दौरान जब उनसे पूछा गया कि कुछ दलित संगठन गृह मंत्री जी. परमेश्वर को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, तो

उन्होंने कहा, "इसमें क्या गलत है? समर्थक अपनी इच्छा व्यक्त करते हैं (अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं), हम उन्हें ऐसा न करने के लिए नहीं कह सकते।" परमेश्वर ने मैसूरु में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बनने के बारे में कहा कि जब भी उच्च कमान फैसला करेगा, वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे।

इस बीच वित्त मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे सिद्धरमैया विभिन्न विभागों के साथ बजट से पहले कई बैठकें कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 2026-27 का बजट मार्च में पेश किए जाने की संभावना है। यह सिद्धारमैया का रिकॉर्ड 17वां बजट होगा। उन्होंने अपना 16वां बजट पिछले साल मार्च में पेश किया था।

20 नवंबर, 2025 को कांग्रेस सरकार के पांच वर्षीय कार्यकाल का आधा समय पूरा होने के बाद मुख्यमंत्री पद में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच सत्ताधारी पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है।
2023 में सरकार गठन के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित "सत्ता-साझाकरण" समझौते ने इन अटकलों को और हवा दी है।

कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धरमैया ने शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी हाई कमांड ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राज्य में नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा और उनके पिता सिद्धारमैया पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने ये भी कहा था कि मुख्यमंत्री परिवर्तन का मुद्दा सुलझ चुका है क्योंकि हाईकमान ने अभी तक परिवर्तन की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है।

इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, शिवकुमार ने शुक्रवार को एमएलसी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यतींद्र हमारे हाई कमान हैं, और हमें उनकी बातों का सम्मानपूर्वक पालन करना चाहिए।" इस बीच बेंगलुरू मेट्रो रेल के किराए में वृद्धि के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में शिवकुमार ने कहा कि वह बेंगलुरू मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा करेंगे।

बेंगलुरू विकास के प्रभारी मंत्री शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने हमसे (राज्य सरकार से) परामर्श नहीं किया है, उनके पास अधिकार है। केंद्र सरकार के सचिव (किराया निर्धारण समिति के) अध्यक्ष हैं, उन्होंने निर्णय लिया है। बेंगलुरु जाने के बाद मैं इस पर (संबंधित अधिकारियों से) चर्चा करूंगा। हम लोगों को परेशान नहीं करना चाहते। वित्तीय संरचना क्या है और क्या हुआ है, मैं इसकी जांच करूंगा।"