पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल में अपना पहला गुइलेन-बैरी सिंड्रोम (जीबीएस) मामला दर्ज किया गया है। कूचबिहार जिले के साढ़े चार साल के बच्चे का सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंग होम में इस बीमारी का इलाज चल रहा है। उसकी मां मोनिका सुमन मंडल ने कहा कि बच्ची ने शिकायत की कि वे अपने पैर हिलाने में असमर्थ है।
कूचबिहार के डॉक्टरों ने सलाह दी कि बच्चे को सिलीगुड़ी में बाल चिकित्सा न्यूरोसर्जन को दिखाया जाए। जांच से पुष्टि हुई कि उसे जीबीएस है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्चा अब वेंटिलेटरी सपोर्ट पर नहीं है लेकिन बहुत कमजोर है।
पश्चिम बंगाल में पिछले चार दिन में संदिग्ध गुलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) से एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। हालांकि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। तीनों व्यक्तियों की मौत कोलकाता और हुगली जिले के सरकारी अस्पतालों में हुई।
उत्तर बंगाल में जीबीएस का पहला मामला सामने आया
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