Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आने के साथ ही, साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लीक हुए प्रश्न पत्रों का लालच देकर छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाना तेज कर दिया है।
भोपाल साइबर क्राइम पुलिस ने चेतावनी दी है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप और दूसरे प्लेटफॉर्म पर 'एमपी बोर्ड' या '10वीं-12वीं के प्रश्न पत्र' जैसे फर्जी समूह बनाए गए हैं। ये समूह परीक्षा से एक रात पहले पैसे के बदले प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा करते हैं। हालांकि, बाद में पता चलता है कि प्रश्न पत्र फर्जी हैं, जिससे छात्रों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी होती है और उनकी तैयारी बाधित होती है।
एडीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा, "छात्र और अभिभावक अक्सर इन समूहों के झांसे में आ जाते हैं, जिससे उनका समय, पैसा और अवसर बर्बाद हो जाते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "बोर्ड कभी भी प्रश्न पत्र डिजिटल रूप से साझा नहीं करता है, और इस तरह की धोखाधड़ी साइबर अपराध का एक रूप है जिसमें लिंक, एपीके और मोबाइल हैकिंग शामिल हैं।"
शिक्षकों ने भी छात्रों को इन घोटालों से सावधान किया। भोपाल के एक सरकारी विद्यालय की शिक्षिका अपर्णा नारोलिया ने कहा, “बोर्ड परीक्षा के पेपर दिलाने के वादों से बच्चों को गुमराह किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है और उनका शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ रहा है। छात्रों को अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और सोशल मीडिया पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।”
परीक्षाओं के नजदीक आने के साथ ही साइबर क्राइम ब्रांच स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है ताकि आगे ऐसी कोई घटना न हो।