दिव्यांग बच्चों के बेहतर विकास, देखभाल और पुनर्वास के लिए योगी सरकार लगातार सुविधाओं को मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में मिर्जापुर में बचपन डे केयर सेंटर के भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन ने प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति दे दी है। कुल 328.42 लाख रुपये (करीब 3.28 करोड़ रुपये) की लागत से बनने वाले इस भवन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है।
इस सेंटर के शुरू होने से दिव्यांग बच्चों को बेहतर देखभाल, प्रशिक्षण और प्री-स्कूल स्तर की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक या अन्य सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर सुविधाओं के जरिए सामाजिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का भी है।
प्रदेश में 3 से 7 वर्ष की उम्र के श्रवणबाधित, मानसिक मंदित और दृष्टिबाधित बच्चों की प्री-स्कूल रेडीनेस के लिए 18 मंडलीय जनपदों में बचपन डे केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन सेंटरों के जरिए बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार करने, उनकी जरूरतों के अनुसार देखभाल और विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। मिर्जापुर में नए भवन के निर्माण से ऐसी सुविधाओं को और व्यवस्थित एवं मजबूत करने में मदद मिलेगी।
शासन ने स्पष्ट किया है कि भवन निर्माण का काम सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा। निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्था की होगी। इसके अलावा निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी जरूरी वैधानिक अनापत्तियां (NOC) और पर्यावरणीय क्लियरेंस प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा।
उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव राकेश कुमार यादव ने इस संबंध में निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को आधिकारिक स्वीकृति पत्र जारी किया है। स्वीकृत धनराशि का आहरण और खर्च जरूरत के अनुसार अलग-अलग किश्तों में किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन करना होगा। योगी सरकार की इस पहल से मिर्जापुर में दिव्यांग बच्चों के लिए शुरुआती उम्र में ही बेहतर देखभाल, प्रशिक्षण और स्कूल के लिए तैयारी की सुविधाएं मजबूत होने की उम्मीद है।