मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार पीएम श्री योजना के तहत प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 11.37 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस रकम से बच्चों को टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल (TLM), स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य कक्षा में पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी और गतिविधि आधारित बनाना है, ताकि बच्चे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि अलग-अलग गतिविधियों और शिक्षण सामग्री के जरिए विषयों को आसानी से समझ सकें। इसके साथ ही निपुण लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में भी सीखने की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और योजना के क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, तालिका पोस्टर, शिक्षण-अधिगम से जुड़ी IEC सामग्री और साप्ताहिक आकलन ट्रैकर उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों को भी विषय और पाठ के अनुसार TLM तैयार करने और कक्षा में उसका प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। TLM तैयार करने के लिए कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, पेपर एडहेसिव, अबेकस, ग्लोब, भारत और विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, परिवहन तथा पशु-पक्षियों के चार्ट समेत कई तरह की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए विद्यालयों में उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कक्षा 1 से 5 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को स्टूडेंट लर्निंग किट दी जाएगी। इसमें वर्कशीट, अभ्यास और गतिविधि आधारित सामग्री, रंगीन वर्कबुक, ड्राइंग शीट, ओरिगेमी पेपर, ऊन, रिबन और लर्निंग डाइस जैसी सामग्री शामिल होगी। इसके अलावा प्रत्येक विद्यार्थी को स्टूडेंट डायरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। किट का वितरण अभिभावकों की मौजूदगी में होने वाली पीटीएम के दौरान करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के मुताबिक निपुण लक्ष्य, तालिका और IEC सामग्री को 15 अक्टूबर 2026 तक मुद्रित कर कक्षा में प्रदर्शित करना होगा। TLM तैयार करने के लिए जरूरी सामग्री की खरीद भी 15 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी। इसके बाद शिक्षक 31 अक्टूबर 2026 तक TLM तैयार करेंगे। विद्यार्थियों को स्टूडेंट डायरी भी 31 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों की ओर से तैयार किए गए बेहतर और नए प्रयोग वाले TLM को बढ़ावा देने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर ‘निपुण TLM मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस मेले में परिषदीय शिक्षक अलग-अलग विषयों और अवधारणाओं को आसान तरीके से समझाने के लिए तैयार किए गए अपने उत्कृष्ट TLM का प्रदर्शन करेंगे। प्रभावी और उपयोगी सामग्री को कक्षा में इस्तेमाल करने के साथ दूसरे विद्यालयों के साथ भी साझा किया जाएगा।
TLM, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी का सही तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की होगी। जिला स्तर पर अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। इसके अलावा सपोर्ट सुपरविजन, प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर सामग्री की खरीद और उसके उपयोग की भी ट्रैकिंग की जाएगी। स्वीकृत धनराशि का इस्तेमाल केवल निर्धारित मद में ही करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को सीखने के लिए उपयोगी संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। TLM, स्टूडेंट लर्निंग किट और स्टूडेंट डायरी के जरिए बच्चों को गतिविधि आधारित और प्रभावी तरीके से सीखने के अवसर मिलेंगे।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि TLM का निर्माण पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुसार किया जाना चाहिए और कक्षा में उसका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लर्निंग किट, स्टूडेंट डायरी और नवाचारी TLM के जरिए बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।