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असम में बाढ़ से अब तक 105 लोगों की मौत, 5 जिलों में करीब 32 हजार लोग प्रभावित

असम में इस साल बाढ़ से अब तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राज्य के 5 जिलों में करीब 32 हजार लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) के ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। बाढ़ से हुई 105 मौतों में 64 पुरुष, 24 महिलाएं और 17 बच्चे शामिल हैं। शिवसागर में सबसे ज्यादा 53 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा चराईदेव में 22, जोरहाट में 9, गोलाघाट में 8, कार्बी आंगलोंग में 4 और धेमाजी में 3 लोगों की जान गई है।

राज्य में 3,198.77 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी पानी में डूबी हुई है। इससे फसलों को नुकसान होने और किसानों की आजीविका प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। करीब 3 हजार लोग फिलहाल राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में रह रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरी सहायता देने का काम जारी है।

इस साल अलग-अलग समय पर असम के 25 जिलों और 2,734 गांवों में 12 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति बनती है। राज्य में नदियों का बड़ा नेटवर्क है और भारी बारिश के बाद ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर जाता है।

बाढ़ के कारण गांवों, खेतों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचता है। निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है और उन्हें राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ती है। फिलहाल प्रशासन प्रभावित जिलों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राहत और पुनर्वास का काम जारी है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर के आधार पर बाढ़ की स्थिति में बदलाव हो सकता है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और तैयारी बढ़ा दी है।