प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कोच्चि मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े वित्तीय लेनदेन मामले में केरल के कोझिकोड में 8 ठिकानों पर छापेमारी की। ED की यह कार्रवाई मई में हुई पिछली छापेमारी की आगे की जांच के तहत की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 27 मई को की गई छापेमारी के दौरान पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा से जुड़े कथित मनी ट्रेल के कुछ नए सबूत मिले थे। इसी मनी ट्रेल में शामिल लोगों और ठिकानों को मंगलवार की कार्रवाई में जांच के दायरे में लिया गया है।
इससे पहले 27 मई को ED की कोच्चि जोन टीम ने CMRL के निदेशकों एसएन शशिधरन कार्था, सरन एस कार्था, वीणा और उनकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये ठिकाने कोट्टायम, एर्नाकुलम, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु में थे। आयकर विभाग ने जनवरी 2019 में भी CMRL के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 130 करोड़ रुपये के कथित फर्जी खर्च का पता चला था। CMRL ने आयकर निपटान आयोग के सामने इन फर्जी खर्चों को स्वीकार किया था।
आयकर विभाग की जांच के आधार पर गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) में शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने SFIO को जांच के निर्देश दिए। SFIO ने 3 अप्रैल 2025 को CMRL के प्रबंध निदेशक एसएन शशिधरन कार्था और 12 अन्य लोगों के खिलाफ कॉरपोरेट धोखाधड़ी के मामले में एर्नाकुलम की अतिरिक्त सत्र अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।
SFIO के मुताबिक, एसएन शशिधरन कार्था और उनके बेटे सरन एस कार्था ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बिना किसी डिविडेंड भुगतान के कुल 30.63 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक लिया। जांच में 15 वर्षों के दौरान करीब 182 करोड़ रुपये के कथित फर्जी नकद खर्च का भी पता चला, जिसका इस्तेमाल अलग-अलग लोगों को रिश्वत देने के लिए किए जाने का आरोप है। इसके अलावा CMRL की ओर से शशिधरन कार्था परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के नाम पर 91 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का भी आरोप है।
ED के अनुसार, CMRL के कथित फर्जी खर्चों में वीणा को किए गए भुगतान भी शामिल हैं। वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को CMRL से IT कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर कुल 2.78 करोड़ रुपये का कथित भुगतान मिला। इसके अलावा, CMRL के MD एसएन शशिधरन कार्था द्वारा संचालित Empower India Capital Investment Private Limited (EICPL) ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का कर्ज दिया था, जबकि एक्सालॉजिक समय पर कर्ज चुकाने में असफल रही थी।
केरल हाईकोर्ट ने इस साल 26 मई को CMRL की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि PMLA के तहत जांच शुरू करना वैध है और जांच शुरू करने के लिए पहले से किसी प्रेडिकेट ऑफेंस का होना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उस समय तक SFIO अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुका था, जिसमें PMLA के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस शामिल था।
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि CMRL के प्रबंधन ने कथित तौर पर अपराध से हुई आय (Proceeds of Crime) जुटाई और अलग-अलग लोगों को रिश्वत दी। अधिकारियों ने दावा किया कि वीणा को CMRL से बिना सेवाएं दिए पैसे मिले। ED को मिली जानकारी के आधार पर वीणा के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास से जुड़े परिसर में भी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पिता पिनराई विजयन भी वहां मौजूद थे।
मई में हुई छापेमारी के दौरान ED को कई आपत्तिजनक दस्तावेज, खातों से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत, निवेश और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट मिले थे।ED ने तलाशी अभियान के दौरान करीब 242 खातों में मौजूद लगभग 18.36 करोड़ रुपये फ्रीज किए हैं। बरामद सबूतों और दस्तावेजों की फिलहाल जांच की जा रही है।