स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को बीजेपी पर पलटवार किया। खड़गे ने कहा कि उन्होंने वही ‘वंदे मातरम्’ गाया है, जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेता गाते थे। खड़गे ने कहा कि अगर उस संस्करण को गाना अपराध है तो सरकार को उन दिवंगत राष्ट्रीय नेताओं के खिलाफ भी FIR दर्ज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने करीब 90 साल पहले ही तय कर लिया था कि देश के लिए कौन से राष्ट्रीय गीत अपनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "मैंने वही वंदे मातरम् गाया है, जो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। अगर इसे गाना अपराध है तो गांधी जी और नेहरू जी के खिलाफ भी मामला दर्ज करें। सरदार वल्लभभाई पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज करें।" 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जा रहा था। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी आपस में बातचीत करते नजर आए।
इस वीडियो को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। वहीं, सोमवार को गोवा में कांग्रेस के प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यक्रम के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ के सिर्फ दो अंतरे गाए गए। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे।
दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में बीजेपी और RSS के योगदान पर सवाल उठाए और दोनों पर भारत विरोधी और धर्म विरोधी होने का आरोप लगाया। खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि बीजेपी बार-बार गांधी परिवार और सोनिया गांधी का नाम लेती है, लेकिन उनके राजनीतिक अनुभव की तुलना की जाए तो वह अमित शाह के जन्म से पहले ही विधायक बन चुके थे। खड़गे ने गोवा की सत्तारूढ़ पार्टी पर विधायकों को "अगवा" कर सरकार बनाने का आरोप भी लगाया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं के साथ बैठक भी की। बैठक में 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के अभियान को लेकर चर्चा की गई। खड़गे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के सभी नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है और आगामी चुनाव एकजुट होकर लड़ने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और इस बार जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में स्थानीय सरकार के कथित दबाव और डराने-धमकाने के बावजूद हिम्मत है। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।