जयपुर में आयोजित ‘संत संसद 2026’ में आस्था के साथ देशप्रेम का विशेष संगम देखने को मिला। इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन नेटवर्क 10 न्यूज चैनल द्वारा किया गया। शुरुआत में संतों ने अमर जवान ज्योति पर पहुंचकर शहीदों को नमन किया। वहीं, महिलाओं ने कलश यात्रा के जरिए संतों का जोरदार स्वागत किया।
इस विशेष कार्यक्रम में श्रीमहंत श्री रामदास जी महाराज भी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने जयपुर की स्थापना से जुड़ी एक प्राचीन कथा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब राजा शिकार पर निकले थे, तब उन्होंने मार्ग में एक अद्भुत दृश्य देखा—एक गाय शेर को पछाड़ रही थी।
इस दृश्य से प्रभावित होकर राजा ने निर्णय लिया कि इसी स्थान पर अपनी राजधानी स्थापित की जाए। उनका मानना था कि यह भूमि धर्म और सत्य की स्थापना के लिए बिल्कुल सही है, जहां से पूरे भारत में धर्म की ध्वजा फहराई जाएगी और सत्य की असत्य पर विजय सुनिश्चित की जाएगी।
अपने संबोधन के अंत में श्रीमहंत रामदास जी महाराज ने कहा कि यह कथा हमें यह संदेश देती है कि जहां धर्म और आस्था की शक्ति होती है, वहां असंभव भी संभव हो जाता है। हमें भी अपने जीवन में सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।