New Delhi: आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा को मंगलवार को पत्र लिखकर कहा कि वे भी आबकारी मामले में उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।
इससे एक दिन पहले पार्टी प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने न्यायमूर्ति शर्मा को पत्र लिखकर कहा था कि आबकारी मामले में वे न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के माध्यम से उनके समक्ष पेश होंगे।
मनीष सिसोदिया ने पत्र में लिखा, ‘‘मेरी ओर से भी कोई वकील पेश नहीं होगा। आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता के हाथों में है।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है और सत्याग्रह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
अरविंद केजरीवाल ने न्यायमूर्ति शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की अपील की थी लेकिन उन्होंने केजरीवाल की याचिका 20 अप्रैल को खारिज कर दी थी जिसके बाद ‘एएपी’ नेता ने सोमवार को उन्हें पत्र लिखा था।