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ग्रीनलैंड नियंत्रण पर ट्रंप की चेतावनी, कहा- जो समर्थन में आएगा उस पर लगेगा ज्यादा टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड के मामले में पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगा सकता है जो डेनमार्क के इस अर्ध-स्वायत्त इलाके पर अमेरिकी नियंत्रण का समर्थन नहीं करते। हालांकि डेनमार्क नाटो का एक सहयोगी है। ट्रंप की ये चेतावनी गठबंधन के अंदर गहरे मतभेदों को उजागर करती है।

नाटो का गठन 1949 में 12 देशों ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद सोवियत विस्तार को रोकने के लिए किया था। आज इसके 32 सदस्य हैं। नाटो के सिद्धांत की नींव इसके चार्टर का आर्टिकल पांच है, जिसमें कहा गया है कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा।

ग्रीनलैंड को लेकर बार-बार अमेरिकी चेतावनी इस गारंटी को कमजोर कर सकती हैं। वहीं, अगर अमेरिका और डेनमार्क के बीच टकराव होता है, तो सहयोगी एकमत नहीं होंगे और आर्टिकल पांच असफल हो जाएगा।

इसी हफ्ते, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने वॉशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन मामले का कोई हल नहीं निकला। यूरोपीय नेता जोर देते हैं कि ग्रीनलैंड का भविष्य डेनमार्क और ग्रीनलैंड को ही तय करना है। ग्रीनलैंड विवाद नाटो की एकता की परीक्षा है।