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ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में करीब 4,029 लोगों की मौत

ईरान में देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई में अब तक कम से कम 4,029 लोगों की मौत होने का दावा किया गया है। मानवाधिकार से जुड़े संगठनों के अनुसार, इस कार्रवाई में 26 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालात को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।

बताया गया है कि मृतकों में बड़ी संख्या प्रदर्शनकारियों की है, जबकि सुरक्षाकर्मी भी हिंसा की चपेट में आए हैं। इसके अलावा, बच्चों और ऐसे लोगों की भी मौत हुई है, जो किसी भी तरह के प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान में जारी हालिया अशांति के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसके असर दिखाई दे रहे हैं। स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाले विश्व आर्थिक मंच की बैठक में ईरान के विदेश मंत्री को संबोधित करना था, लेकिन देश में आम नागरिकों की मौतों और अस्थिर हालात को देखते हुए ईरानी प्रतिनिधित्व का निमंत्रण वापस ले लिया गया। विश्व आर्थिक मंच का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरानी सरकार की भागीदारी उचित नहीं होगी।

इस फैसले पर ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि उनकी उपस्थिति राजनीतिक दबाव और झूठे दावों के आधार पर रद्द की गई है। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने अब तक मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

हालांकि, हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत की बात स्वीकार की और इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। यह किसी शीर्ष ईरानी नेता की ओर से पहली बार दिया गया ऐसा बयान माना जा रहा है।

इस बीच, राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और संसद अध्यक्ष की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को सख्त सजा दी जाएगी, जबकि भटकावे में आकर प्रदर्शन में शामिल हुए और गंभीर अपराधों में भूमिका न निभाने वालों के प्रति नरमी बरती जाएगी।

ईरान में हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें वहां की स्थिति पर टिकी हुई हैं।