उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव कार्य तेजी से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 16 जिलों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही भोजन, चिकित्सा और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कर रही हैं। सरकारी प्रयासों के तहत अब तक बाढ़ में फंसे 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत की बात यह है कि प्रदेश में अब तक बाढ़ के कारण किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। करीब 810 मेडिकल टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। इन टीमों के जरिए लोगों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए 536 नाव और मोटरबोट तैनात की गई हैं। इनके जरिए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और जरूरी राहत सामग्री भी प्रभावित इलाकों में पहुंचाई जा रही है।
प्रभावित लोगों के लिए प्रदेश में 75 बाढ़ शरणालय संचालित किए जा रहे हैं। इन शरणालयों में अब तक 2,240 लोगों को आश्रय दिया गया है। प्रशासन की ओर से यहां लोगों के लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 2 लाख से अधिक भोजन के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं की सुरक्षा और उनके चारे की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया है। अब तक पशुओं के लिए 2,345 क्विंटल से अधिक भूसा वितरित किया जा चुका है। प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाने के लिए 1,618 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। इन चौकियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्थिति की निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव टीमों को भेजा जा रहा है।
योगी सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं तथा बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। सरकार का फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है।