वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ की कुछ धाराओं पर आंशिक रोक लगाई है. सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि, हमने प्रत्येक धारा को दी गई प्रथम दृष्टया चुनौती पर विचार किया है. कोर्ट ने कहा कि कानून के संपूर्ण प्रावधानों पर रोक लगाने का कोई मामला नहीं बनता है. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की गई 15 सितंबर की वाद सूची के अनुसार, अदालत इस मामले में अपना आदेश सुनाएगी. अंतरिम आदेश सुरक्षित रखने से पहले, पीठ ने संशोधित वक्फ कानून को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं के वकीलों और केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें लगातार तीन दिनों तक सुनी थीं.
मामले की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पहले उन तीन मुद्दों की पहचान की थी, जिन पर याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम आदेश के जरिए रोक लगाने का अनुरोध किया था. इनमेंअधिसूचना को रद्द करने, राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की सरंचना में केवल में मुसलमान को शामिल करने और वक्फ संपत्ति के प्रावधान को लेकर है. केंद्र सरकार ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने के बाद अधिसूचित किया था. लोकसभा ने इस विधेयक को 3 अप्रैल को 288 सदस्यों के समर्थन से पारित कर दिया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया. विधेयक के पक्ष में राज्यसभा में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया था.