सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को जेल में बंद लद्दाख के क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई 8 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी।
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि पीठ गुरुवार को इस पर सुनवाई करेगी। वांगचुक की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल पेश हुए। इस मामले की सुनवाई इससे पहले जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजारी की पीठ ने की थी। याचिका में दावा किया गया है कि वांगचुक की हिरासत अवैध और मनमानी है, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
केंद्र और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की ओर से 24 नवंबर को आंगमो की अर्जी पर जवाब देने के लिए समय देने का अनुरोध किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी थी। अदालत ने 29 अक्टूबर को आंगमो की संशोधित याचिका पर केंद्र और लद्दाख प्रशासन से जवाब मांगा था।