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कर्तव्य पथ पर नजर आएंगी अलग-अलग अंदाज की झांकियां, दिखेगी ‘विविधता में एकता’ की झलक

New Delhi: 26 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में अक बार फिर ‘विविधता में एकता’ और विकास देखने को मिलेगा। अलग-अलग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सरकारी एजेंसियों की झांकियां कर्तव्य पथ की शोभा बढ़ाएंगी।

झांकियों में देश की उपलब्धियां, समृद्ध संस्कृति और विरासत दिखाई जाएगी, तमिलनाडु की झांकी का विषय ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ है।

इसमें राज्य की सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलेगी, जिसमें 17 महिला कलाकारों की समर्पित टीम पारंपरिक कला रूपों को पेश करेंगी। कर्नाटक की झांकी राज्य की धरोहर, नवाचार और समावेशी विकास को जीवंत रूप में पेश करेगी। ये प्राचीन सभ्यता से लेकर आधुनिक ज्ञान और प्रौद्योगिकी का केंद्र बनने तक का सफर होगा।

पांच नदियों की भूमि पंजाब की झांकी श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस की याद दिलाएगी। उन्हें ‘हिंद दी चादर’ या भारत की ढाल के रूप में पूजा जाता है।

केरल की झांकियों में राज्य के खूबसूरत दृश्यों, शास्त्रीय कला और सतत विकास से जुड़ी उपलब्धियां दिखाई जाएंगी। सरकारी विभागों में, आयुष मंत्रालय की झांकियां देश के प्राचीन ज्ञान पर आधारित स्वास्थ्य और कल्याण का नजरिया पेश करेंगी।

सशस्त्र बलों की टुकड़ियों की परेड और आधुनिक हथियारों के प्रदर्शन के साथ-साथ, रंगारंग झांकियां हमेशा से सभी आयु के लोगों के लिए बड़ा आकर्षण रही हैं। सोमवार को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड भी इसका अपवाद नहीं होगी।