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भारी बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा पर भूस्खलन का खतरा, प्रशासन ने श्रद्धालुओं को किया अलर्ट

भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले और केदार घाटी में भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। इससे केदारनाथ जाने वाले पैदल मार्ग और हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसी बीच सावन के महीने में कांवड़ यात्रा भी जारी है। भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। सावन के पवित्र महीने में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन और पूजा कर रहे हैं।

मौसम को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की मौसम चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियां भी मंदिर क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण केदारनाथ धाम में मौसम तेजी से बदलता रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नदियों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट ने क्षेत्र के कुछ मार्गों पर ट्रेकिंग पर रोक लगा दी है।

राजवार ने कहा कि सुरक्षा और बचाव दल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरत रहे हैं। खासतौर पर मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के आसपास, जहां जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर में दर्शन करने के बाद सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य की ओर लौटने की अपील की।

वहीं, सावन के महीने में देशभर से लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं। कांवड़िए नदियों से पवित्र जल लेकर कई किलोमीटर की यात्रा करते हैं और उसे भगवान शिव के मंदिरों में चढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों के सभी दुख और परेशानियां दूर होती हैं।