Breaking News

हरियाणा: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेले में झुला टूटा, कई लोगों के घायल होने की ख़बर     |   सिक्किम के ग्यालशिंग में भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 4.2, जमीन से 5 किमी नीचे केंद्र     |   ओबामा दंपति पर नस्लवादी वीडियो को लेकर बवाल, डोनाल्ड ट्रंप ने निंदा की लेकिन माफी से साफ इनकार     |   टी-20 वर्ल्ड कप: USA ने टॉस जीता, टीम इंडिया के खिलाफ पहले गेंदबाजी का फैसला     |   भारत-पाक वर्ल्ड कप मैच पर नया मोड़, पहले हटने की बात करने वाला PCB अब ICC से बातचीत को आगे आया     |  

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसा और अराजकता जारी, भारत ने जताई चिंता

New Delhi: भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी "लगातार हिंसा" को गंभीर चिंता का विषय बताया और साथ ही दोहराया कि आगामी संसदीय चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी होने चाहिए।

दिल्ली ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की स्वदेश वापसी पर कहा कि इसे समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के मयमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हाल ही में हुई हत्या की निंदा करता है।

उन्होंने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा गंभीर चिंता का विषय है। हम बांग्लादेश में हाल ही में एक हिंदू युवक की हत्या की निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इस अपराध के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।" जयसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हो रहे घटनाक्रमों पर भारत बारीकी से नजर रख रहा है।

उन्होंने बताया कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश में स्वतंत्र स्रोतों द्वारा अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 2,900 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। जायसवाल ने कहा, "बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं को मीडिया की अतिशयोक्ति या राजनीतिक हिंसा कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।"