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राजस्थान में UCC बिल को कैबिनेट की मंजूरी, बहुविवाह पर लगेगी रोक, आदिवासी समुदाय कानून से बाहर

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में राजस्थान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी गई। राज्य के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रस्तावित कानून में बहुविवाह पर रोक लगाने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने बताया कि UCC के तहत शादी, तलाक, भरण-पोषण, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत मामलों से जुड़े नियमों को एक समान करने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह कानून आदिवासी समुदायों पर लागू नहीं होगा।

प्रस्तावित UCC बिल के तहत कानून लागू होने के बाद शादी का 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। हालांकि, तय समय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर शादी अवैध नहीं मानी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अपने सेवा रिकॉर्ड में जमा करना जरूरी होगा। कानून मंत्री के मुताबिक, शादी के रजिस्ट्रेशन में देरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान होगा।

राजस्थान UCC बिल में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। यानी कानून लागू होने के बाद एक व्यक्ति को एक समय में एक ही विवाह की अनुमति होगी। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि UCC लागू करने को लेकर गुजरात, उत्तराखंड और असम में लागू या प्रस्तावित कानूनों का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई गई थी। समिति ने इन राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान में UCC बिल तैयार किया गया है।

राजस्थान कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद राज्य UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ गया है। इससे पहले मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम में UCC से जुड़े कानून या विधेयक सामने आ चुके हैं। UCC का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे निजी मामलों में समान कानून लागू करना है। इसके तहत अलग-अलग धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान कानूनी व्यवस्था लाने का प्रस्ताव है।