पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक एस. रामदास और उनके बेटे अंबुमणि के बीच नेतृत्व को लेकर जारी संघर्ष बढ़ता की जा रहा है। पार्टी के संस्थापक एस. रामदास ने अपने वकीलों के जरिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया। इसमें उन्होंने बेटे अंबुमणि को पार्टी का नाम, झंडा या चुनाव चिन्ह इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी। अंबुमणि को पीएमके की ओर से काम करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। वे खुद को पार्टी अध्यक्ष नहीं बता सकते और न ही किसी भी रूप में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
रामदास ने चेतावनी दी कि पीएमके के नाम का इस्तेमाल करके पार्टी पर नियंत्रण दिखाने की कोई भी कोशिश गैरकानूनी राजनीतिक गतिविधि मानी जाएगी।रामदास ने बताया कि अंबुमणि को इस साल सितंबर में निष्कासित कर दिया गया था। अपने वकीलों के जरिए जारी नोटिस में रामदास ने चार दिसंबर के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी पर उनका ही नियंत्रण है।
उन्होंने राजनीतिक दलों, संगठनों और व्यक्तियों को चेतावनी दी कि वे पीएमके के नाम पर अंबुमणि के साथ किसी भी तरह का चुनावी गठबंधन न करें। नोटिस में कहा गया कि ऐसा करना कानून के अनुसार 'अपराध' माना जाएगा। नोटिस में ये भी कहा गया कि चुनाव से जुड़े सभी फैसले केवल पीएमके के संस्थापक और अध्यक्ष रामदास ही लेंगे। साथ ही जनता से अपील की गई कि वे किसी भी तरह के भ्रम में न आएं।
पीएमके के संस्थापक रामदास की बेटे को पार्टी का नाम-झंडा इस्तेमाल न करने की चेतावनी
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