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NEET-UG पेपर लीक केस: CBI को 5 अगस्त तक चार्जशीट की जांच पूरी करने का निर्देश, 6 अगस्त को होगी सुनवाई

दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को चार्जशीट की जांच प्रक्रिया 5 अगस्त की शाम तक पूरी करने और 6 अगस्त तक सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मामले में CBI की ओर से दाखिल करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट फिलहाल अदालत के विचाराधीन है।

अदालत ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 6 अगस्त तक टाल दी है। आरोपियों के वकील ने चार्जशीट की कॉपी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। वहीं, न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस बीच, अधिवक्ता एपी सिंह ने आरोपी मंगलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल का लाई डिटेक्टर टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया। स्पेशल जज अजय गुप्ता ने इस आवेदन पर CBI को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक और लोक अभियोजक अर्जुन आनंद भी मौजूद रहे। अदालत ने अधिवक्ता एपी सिंह से कहा कि उन्हें इस तरह का आवेदन दाखिल करने का विशेषाधिकार नहीं है और अदालत आवेदन की स्वीकार्यता के पहलू पर विचार करेगी।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई रोजाना के आधार पर जारी रहेगी। यह विशेष अदालत Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत पेपर लीक और इससे जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई कर रही है। इससे पहले 29 जुलाई को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट के साथ दाखिल सूची के अनुसार कई दस्तावेज, बयानों की सूची और अन्य सामग्री अदालत के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं थी। CBI के वकील ने अदालत को बताया था कि चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेज करीब 20 हजार पन्नों के हैं और इन दस्तावेजों को स्कैन किया जा रहा है। 13 आरोपियों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।

इसके बाद स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बालीगा ने CBI को तीन दिन का समय देते हुए चार्जशीट पर विचार के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की थी। अब मामले की सुनवाई 6 अगस्त तक के लिए टाल दी गई है। CBI ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट पहले ही दाखिल कर दी है। आरोपियों पर BNS के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत नष्ट करने समेत कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा Prevention of Corruption Act और Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।

CBI ने चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है। चार्जशीट दाखिल किए गए सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। CBI के मुताबिक, उच्च शिक्षा विभाग, भारत सरकार की ओर से 12 मई 2026 को NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी।

शिकायत मिलने के बाद CBI ने 12 मई को FIR दर्ज की और तुरंत कई जांच टीमें गठित कीं। जांच में 72 अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया। एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर तलाशी ली।तलाशी के दौरान डिजिटल और संचार उपकरणों, दस्तावेजों समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। CBI ने बरामद सामग्री की फॉरेंसिक इमेजिंग और जांच भी शुरू की।

मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को हुई थी। अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के 3 NTA विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। CBI के अनुसार, लीक हुए प्रश्नपत्रों को हासिल कर आगे पहुंचाने वाले कई बिचौलियों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने उक्त विशेषज्ञों से लीक हुए प्रश्नपत्र हासिल किए थे। CBI ने पैसों के लेन-देन की भी जांच की है और आरोपियों के कई बैंक खातों, बैंक लॉकरों और एक डीमैट खाते को फ्रीज किया गया है।