मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की उस टिप्पणी पर आलोचना की जिसमें उन्होंने दुर्गंध और गौशालाओं को जोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग भारत में रहने के लायक नहीं हैं। पिछले महीने इत्र के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश के कन्नौज में पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर राज्य भर में गौशालाएं बनाने के लिए कटाक्ष किया था।
उन्होंने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा था, "उन्हें दुर्गंध पसंद है, जबकि हमने परफ्यूम पार्क बनाया है।" पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय का गोबर "जीवन के अमृत" की तरह है और इसकी खाद से गेहूं के कुछ बीज हजारों डंठलों में विकसित हो जाते हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के अंदर बड़े गोपालक परिवार से आने वाले व्यक्ति, वो कहते हैं इत्र की खुशबू आती है, अरे भाई मान लिया कि इत्र की खुशबू आती है। लेकिन पता नहीं क्या दुर्भाग्य है कि केवल वोट के चक्कर में उनको गोशाला में बदब आती है। अरे भारत में रहकर गोशाला में जिसको बदबू आए, उसको भारत में रहने का अधिकार नहीं, दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ेगा।"
इंदौर नगर निगम की गौशाला के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल लोग गौशालाओं में बच्चों के जन्मदिन मना रहे हैं।