उत्तर प्रदेश में किसानों से संवाद बढ़ाने और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के उद्देश्य से किसान तक और योगी सरकार के सहयोग से किसान कारवां 2.0 की शुरुआत हो गई है। बुधवार को गोरखपुर के योगीराज गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में पहले किसान महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें 1300 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही मुख्य अतिथि और गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में काला नमक चावल, गन्ने की खेती और कृषि तकनीक पर तीन पैनल चर्चाएं हुईं। विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों ने खेती की नई संभावनाओं और आधुनिक तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। किसानों के स्वागत के लिए लोक गायक मनोज मिहिर ने प्रस्तुति दी। वहीं, जादूगर सलमान ने जादू के करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान अलग-अलग जिलों से चुने गए 10 कृषि वीरों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले कृषि वीरों में दीपक कुशवाहा, अविनाश कुमार, लालजी कुशवाहा, मालती देवी, वेदव्यास सिंह, जय सिंह कुशवाहा, कर्नल के.सी. मिश्रा, आज्ञाराम वर्मा, राजू सिंह और देवरिया की ड्रोन दीदी सीमा गुप्ता शामिल हैं। आज्ञाराम वर्मा के नाम पर गन्ने की एक वैरायटी जारी की गई है। वहीं, राजू सिंह किसान उत्पादक संगठन (FPO) और शहद उत्पादन से जुड़े हुए हैं।
किसानों की भागीदारी बढ़ाने और उनके मुद्दों को बेहतर तरीके से सामने लाने के लिए कार्यक्रम में 20 सदस्यीय किसान परिषद का गठन किया गया।इस परिषद में हरिशंकर राय, संजय सिंह, नंदलाल चौहान, अजीत श्रीवास्तव, मांधाता सिंह, राज मंगल चौधरी, विवेक सिंह बंटी, इंदू श्रीवास्तव, वीरेंद्र चौरसिया, शत्रुघ्न चंद, राम चेत चौधरी, राम रतन सिंह, राकेश मल्ल, धर्मेंद्र सिंह, संजय नायक, पुष्पा देवी, अविनाश कुमार, धर्मेंद्र पांडे, जयप्रकाश नारायण और सुभाष चंद्र सिंह को शामिल किया गया है। किसान कारवां 2.0 का अगला कार्यक्रम 24 सितंबर को झांसी में आयोजित किया जाएगा। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान और कृषि विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के साथ संवाद को आगे बढ़ाना और कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा को मजबूत करना है।