झारखंड में गांव की सड़कों को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए बड़े लेवल पर रोड नेटवर्क तैयार करने पर काम चल रहा है। इसका मुख्य मकसद टूरिज्म, इंडस्ट्रियल और इकोनॉमिक सेंटर्स तक पहुंच को आसान बनाना है। ट्रैफिक को कम करने और विकास को गति देने के लिए नए लेन, फ्लाईओवर और बाईपास बनाए जा रहे हैं।
सड़क निर्माण विभाग के तहत, सड़कों की कुल लंबाई 14,560 किलोमीटर हो गई है, जो राज्य बनने के समय मात्र 5,400 किलोमीटर थी। ये बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट के लिए झारखंड सरकार के विजन को दिखाता है।
रोड कनेक्टिविटी में सुधार के अलावा झारखंड के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बेहतर खेल सुविधाएं डेवलप की जा रहीं हैं और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट भी बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर भी ध्यान दे रही है। लोगों को अच्छा इलाज मिले, इसके लिए राज्य भर में नए अस्पताल बन रहे हैं।
इन विकास कार्यों के साथ झारखंड देश के प्रोग्रेसिव मॉडल के रूप में उभर रहा है। इससे सस्टेनेबल डेवलपमेंट और लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।