प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत किसी भी तरह के "परमाणु ब्लैकमेल" को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ अभियान को केवल स्थगित किया गया है और ये भविष्य उनके व्यवहार पर निर्भर करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत से सैन्य हमले रोकने की गुहार लगाई, लेकिन नई दिल्ली ने इस पर तभी विचार किया, जब उन्होंने अपने दुस्साहस को रोकने का वादा किया।
प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमले को आतंकवाद का सबसे "बर्बर चेहरा" करार देते हुए कहा कि ये उनके लिए व्यक्तिगत पीड़ा है, लेकिन दुश्मन को अब हमारी महिलाओं के माथे से "सिंदूर" हटाने के नतीजों का एहसास हो गया है।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक नाम नहीं था, बल्कि इसके जरिए पूरी दुनिया ने भारत के संकल्प को कार्रवाई में बदलते देखा और भारतीय हमले में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया।
उन्होंने कहा, "भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान को स्थगित रखा है, भविष्य उनके व्यवहार पर निर्भर करेगा। ऑपरेशन सिंदूर अब आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति है, एक नई रेखा खींची गई है।"