असम में भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल के नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर सरकार गठन का औपचारिक दावा पेश किया। यह कदम भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की असम विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद उठाया गया है। इस जीत के साथ राज्य में लगातार तीसरी बार एनडीए सरकार बनने जा रही है। इससे पहले दिन में गुवाहाटी में आयोजित नवनिर्वाचित एनडीए विधायकों की बैठक में हिमंत बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस निर्णय की घोषणा की।
जेपी नड्डा ने बताया कि सरमा के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेताओं रंजीत कुमार दास, बिस्वजीत दैमारी, अजंता नियोग, रामेश्वर तेली, राजदीप रॉय, अशोक सिंघल, पियूष हजारिका और चक्रधर गोगोई ने रखा। उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा, असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विधायक मौजूद थे। एजीपी के नेता अतुल बोरा और बीपीएफ के रिहान दैमारी ने भी सरमा के नाम का समर्थन किया। सभी विधायकों के सर्वसम्मति से समर्थन के बाद नड्डा ने हिमंत बिस्वा सरमा को भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल का नेता घोषित किया।
नेता चुने जाने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का आशीर्वाद दिया है। मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। राज्य की जनता ने हमें आशीर्वाद दिया है और हम अगले पांच वर्षों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।" उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया का भी धन्यवाद किया।
सरमा ने बताया कि एनडीए मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा, "मैं असम की जनता से अनुरोध करता हूं कि वे भविष्य में भी हमें अपना आशीर्वाद देते रहें। हमारा लक्ष्य असम को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना है।"