हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मंच ने मंगलवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात की और तुर्किए, ईरान और अमेरिका से आयातित सेबों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मंच के अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि तुर्किए हमारे देश से सेब निर्यात करके 800 करोड़ से 1000 करोड़ रुपये कमाता है और उस पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान की मदद के लिए करता है।
तुर्की उत्पादों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बहिष्कार का आह्वान तुर्किए द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने और पड़ोसी देश और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत द्वारा हाल ही में किए गए हमलों की निंदा करने के मद्देनजर किया गया है।
भारत के साथ सैन्य टकराव में पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर तुर्की के ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था। चौहान ने ईरान और अमेरिका से आयातित सेबों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की क्योंकि इससे स्थानीय सेब उत्पादकों को नुकसान होता है। उन्होंने लोगों से तुर्की से सेब न खाने और स्थानीय उत्पादकों से खरीदने की भी अपील की।
चौहान ने कहा, "जो सेब भारत में आयात होता है, उसमें सबसे ज़्यादा सेब तुर्की से ही यहां पे आयात होता है और जो दुश्मन देश का साथ देता है, वो हमारा भी तो दुश्मन ही हुआ। 800 करोड़ रुपये से लेकर 1000 करोड़ रुपये तक वो सेब से कमाता है यानी भारत में सेब निर्यात करके पैसा दुश्मन देश की मदद के लिए लेता है और हमारा कहना है आज जो हम राज्यपाल महोदय को मिले हैं, हमने महामहिम के माध्यम से हमने प्रधानमंत्री के लिए एक ज्ञापन भेजा है और महामहिम राष्ट्रपति के लिए एक ज्ञापन भेजा है।"