नेपाल में बुधवार को भोतेकोशी नदी में आई भीषण अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस हादसे में कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 400 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने तीन जिलों में भारी तबाही मचाई और कई लोगों, घरों, वाहनों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बहा दिया। हादसे के बाद नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए भारत सरकार और कई राज्य सरकारों ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
भारतीय दूतावास, नेपाल: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500, +977 981 032 6117
ये नंबर WhatsApp पर भी उपलब्ध हैं।
कर्नाटक: स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के नंबर 1070 और 080-22253707 पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार नेपाल या तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे कर्नाटक के लोगों की जानकारी जुटा रही है।
तेलंगाना: तेलंगाना भवन, नई दिल्ली में हेल्पलाइन और कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाया गया है। परिवार 9871999044, 9949351270 और 9618597969 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रभावित व्यक्ति का नाम, पासपोर्ट विवरण, मोबाइल नंबर, आखिरी लोकेशन, टूर ऑपरेटर की जानकारी और परिवार का संपर्क नंबर साझा करने को कहा गया है।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता पुलिस हेल्पलाइन 18003455678 और WhatsApp नंबर 9874902880 है। पश्चिम बंगाल पुलिस से 033-24793311 और 9147890181 पर संपर्क किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश: नेपाल में फंसे या मदद की जरूरत वाले उत्तर प्रदेश के नागरिक 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
केरल:महाराष्ट्र: स्टेट कंट्रोल रूम के लिए 1070 टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है। इसके अलावा +91-9321587143 और controlroom@maharashtra.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है। 9447111844 और 9737132147 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
राजस्थान: राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने परिवारों से 1070 या 112 पर संपर्क करने को कहा है। इसके अलावा 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 और 0141-2227603 नंबर भी उपलब्ध हैं।
ओडिशा: नई दिल्ली में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया है। 011-23012807, 7428135044 और 8527580245 पर संपर्क किया जा सकता है।
सिक्किम: नेपाल में फंसे, प्रभावित या तत्काल सहायता की जरूरत वाले सिक्किम के लोगों के लिए 03592201145, 03592202461 और 03592202256 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों को आशंका है कि बुधवार को आई यह बाढ़ नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में शामिल हो सकती है।