श्रमिक कल्याण पर खास ध्यान देते हुए, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के श्रम बल को मदद देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। 21 अक्टूबर 2022 को, संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए केंद्रीकृत सहायता प्रणाली के रूप में श्रमिक सहायक हेल्पलाइन - टोल-फ्री नंबर 155372 - की शुरुआत की गई। कृषि मजदूरों और निर्माण श्रमिकों से लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों तक, ये हेल्पलाइन सरकारी योजनाओं, लाभों, कानूनी सहायता और शिकायत निवारण के बारे में जानकारी तक सीधी पहुंच देती है।
साथ ही इससे श्रमिक केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से उनके लिए चलाई जा रही तमाम कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ सकते हैं। इनमें ये व्यापक सहायता प्रणाली श्रमिकों को उन फायदों को दिलाने में काफी मददगार है जिनके वे हकदार हैं। श्रमिकों को ध्यान में रख कर चलाई जा रही जिन योजनाओं को खास तौर से श्रमिक सहायक हेल्पलाइन द्वारा कवर किया जा रहा है उनमें धन्वंतरि आरोग्य रथ योजना भी शामिल है।
ये योजना निर्माण श्रमिकों और मजदूरों को उनके कार्यस्थल पर सीधे मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा देती है। 31 जिलों में 178 मोबाइल मेडिकल वैन के साथ, ये सेवा अब तक 42 लाख से ज्यादा श्रमिकों तक पहुंच चुकी है। हर वैन में एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन और परामर्शदाता होते हैं, जो एक निश्चित साप्ताहिक शेड्यूल पर साइटों पर जाते हैं। श्रमिकों को मुफ्त ओपीडी परामर्श और बुनियादी दवाएं दी जाती हैं और इसके बाद भी उनकी देखभाल की जाती है। साथ ही लंबे वक्त तक उनकी सेहत ठीक रहे इसके लिए उनकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाती है।
अपनी शुरुआत के बाद से, हेल्पलाइन ने हर दिन औसतन 75 से 100 फोन कॉल का जवाब दिया और 36,000 से ज्यादा लाभार्थियों को सेवा दी है। श्रमिकों को समय पर अपडेट मिलते हैं। साथ ही समाधान और संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए फीडबैक लिया जाता है। लगातार चिकित्सा सहायता और प्रभावी समाधान के साथ श्रमिक सहायता हेल्पलाइन ये सुनिश्चित करती है कि पूरे गुजरात के श्रमिकों की उनके कल्याण और फायदे के लिए चलाई जा रही योजनाओं तक पहुंच हो और उन्हें उसका पूरा फायदा मिल सके।