Mumbai: सूचना प्रौद्योगिकी, वाहन और बैंकों के शेयरों में हुई खरीदारी के चलते लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से ज्यादा 7.8 फीसदी की जीडीपी वृद्धि के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज्यादातर टैरिफ को अवैध घोषित करने वाले अमेरिकी अदालत के फैसले ने भी बाजार का भरोसा बढ़ाया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 554 अंक उछलकर 80,364 पर जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 198 अंक चढ़कर 24,625 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, ट्रेंट लिमिटेड, इटरनल लिमिटेड, एशियन पेंट्स, इंफोसिस और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त में रहे जबकि सन फार्मा, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा गिरे।
मीडिया सूचकांक को छोड़कर ऑटो, आईटी, पूंजीगत वस्तुएं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, वित्तीय सेवाएं, मेटल और बिजली क्षेत्र के शेयरों में बढ़त देखी गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई गिरावट के साथ जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार सोमवार को बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे जबकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 8,312 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।