Breaking News

1995 बैच के आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव को तिहाड़ जेल का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया     |   भारत ने छठी बार जीता U19 वर्ल्ड कप, फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से दी शिकस्त     |   हरसौर में नागौर पुलिस की ओर से जब्त 10 टन विस्फोटक मामले की जांच NIA को सौंपी गई     |   दिल्ली: सफदरजंग के पास NDMC गोदाम में आग, दमकल की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं     |   ओडिशा में 1.1 करोड़ इनामी माओवादी दंपती समेत 17 अन्य विद्रोहियों ने सरेंडर किया     |  

दिल्ली: कोचिंग संस्थान में बेसमेंट हादसे का एक साल, क्या है स्थिति?

दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में एक साल पहले मानसून की भारी बारिश जानलेवा साबित हुई थी। एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट स्थित पुस्तकालय में अचानक बाढ़ का पानी बढ़ा और उसमें यूपीएससी के तीन उम्मीदवार डूब गए। इस त्रासदी ने देश के नामी-गिरामी कोचिंग संस्थानों में छिपे खतरे को उजागर किया। खास कर जलभराव वाले इलाकों में बेसमेंट में क्लास और पुस्तकालय चलाने के जोखिम सामने आए। साल भर बाद उस हादसे के निशान तो बचे ही हैं, लेकिन बदलाव के संकेत भी दिख रहे हैं। उस हादसे के बाद प्रशासन ने बेसमेंट में तमाम शैक्षिक गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। छात्रों का कहना है कि ज्यादातर कोचिंग संस्थानों ने इसका पालन किया।

कई लोग मानते हैं कि ये बदलाव जरूरी था। उनका कहना है कि जल निकासी व्यवस्था में बेशक कुछ सुधार हुआ है, फिर भी इस दिशा में प्रगति असमान रही है। बेसमेंट में कामकाज बंद होने के बावजूद कई समस्याएं बनी हुई हैं। बिजली के बेतरतीब तार अब भी खंभों और पेड़ों से लटकते दिखते हैं, जिनसे खास कर मानसून के दिनों में गंभीर खतरा है।

तमाम चुनौतियों के बावजूद ओल्ड राजिंदर नगर भारत के सिविल सेवा कोचिंग इको सिस्टम का केंद्र है। यहां हर साल हजारों छात्र अपने सपने पूरा करने की आस लिए आते हैं। लेकिन सपनों के फलने-फूलने के लिए, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी जरूरी है।